Monday, 12 January 2015

दृष्टीबाधितों की सहायता कैसे कर सकते हैं।

सामाजिक जिम्मेदारी को निभाने की इस जागरुकता में हम आपका अभिनंदन करते हैं। 

क्लब का उद्देश्यः- 
"शिक्षा के माध्यम से दृष्टीबाधित छात्रों को आत्मनिर्भर बनाना" 

मित्रों, हमारे समाज में एक विचार धारा व्याप्त है कि, दृष्टीबाधित लोगों को एक विशेष प्रकार की शिक्षा (ब्रेल लीपी) के माध्यम से पढाया जा सकता है। ये पूरी तरह से सच नही है। कोई भी शिक्षित व्यक्ति दृष्टीबाधित बच्चों को पढा सकता है, उसके लिए ब्रेल लीपी का आना अनिवार्य नही है। उनकी शिक्षा-दिक्षा भी सरकार द्वारा चलाए गये पाठ्यक्रम के अनुसार ही होती है। सामान्यतः कक्षा आठवीं तक सरकारी पाठ्यक्रम की पुस्तकें ब्रेल में उपलब्ध हैं। कक्षा नवीं से आगे की कक्षाओं के लिए ब्रेल में पर्याप्त अध्ययन सामग्री उपलब्ध नही है। जिसके लिए पाठ्य सामग्री को दृष्टीसक्षम लोग रेकार्ड(Record) करते हैं और उस रेकार्ड की गई अधययन सामग्री को दृष्टीबाधित बच्चे सुनकर याद करते हैं।

उनकी सहायता कैसे कर सकते हैं?
 1:-  Friends,  आप उनकी पाठ्य सामग्री को रेकार्ड(Record) कर सकते हैं। 
(इस कार्य हेतु आप अपनी आवाज में एक ऑडियो हमे मेल करें या वाट्सअप पर भेंजे। हिंदी एवं अंग्रेजी जिस भी भाषा में आप रेकार्ड करना चाहते हैं)

2:-  आप उनके लिए परिक्षा के समय सहलेखक (Scribe) का कार्य कर सकते हैं। इसके अंर्तगत दृष्टीबाधित बच्चे उत्तर बोलते हैं आपको उन उत्तरों को उत्तर-पुस्तिका पर लिखना होता है और पेपर पढ कर उनको प्रश्न बताना होता है। बैंक, रेलवे तथा अन्य प्रशासनिक प्रवेश परिक्षाएं ज्यादातर रविवार को आयोजित होती हैं। इसमें भी सहलेखक (Scribe) की आवश्यकता होती है।  

वर्तमान मे संस्था अपने दृष्टी दिव्यांग साथियों के लिये इंदौर में कम्प्युटर प्रशिक्षण के लिये एक सेंटर शुरु करना चाहती है क्योंकि कम्प्युटर ज्ञान उनके लिये आँखों के समान है। इसी के साथ 
 पाठ्यसामग्री को रेकार्ड करने हेतु एक स्टुडियो का निर्माण करने की योजना भी है। आप सभी से निवेदन है कि. इस कार्य हेतु अपनी क्षमतानुसार आर्थिक मदद करें। अपने एवं अपने परिवार के जन्मदिन पर शिक्षा की इस मुहीम में आपके द्वारा दिया गयाआर्थिक योगदान सहयोग किसी दृष्टीबाधित बच्चे को आत्मनिर्भर रहते हुए सम्मान से जीने का उजाला दे सकता है। इस कार्य हेतु यदि आपके मन में कोई और जिज्ञासा(Curiosity) हो तो आप मेल करके पूछ सकते हैं।
                  Sharmaanita207@gmail.com

धन्यवाद

Anita Sharma 

10 comments:

  1. प्रिय दीदी प्रणाम,
    हमे बहुत खुशी हुई जब हमारे मित्र किरण जी ने हमे इस बारे में जानकारी दी. हम और हमारे सभी मित्र इस बहुत ही नेक काम में आपके साथ हैं. हम अपनी तरफ से पूरा योगदान देंगे.
    यदि छत्तीसगढ़ राज्य से आपकी जानकारी में कोई भी दृष्टिबाधित बच्चें हों तो कृपया हमे जरूर संपर्क कीजियेगा. उनकी मदद करके बहुत प्रसन्नता होगी. हमारी इमेल आईडी है- tribhuwanratnakar@gmail.com
    इस प्रयास में हम अपने और भी मित्रों को सम्मिलित करेंगे.
    धन्यवाद!

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  2. अनीता जी आपका प्रयास सराहनीय और पुण्य का काम है. हम आपके प्रयासों की सराहना करते हैं.

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  3. अनीता जी आपका प्रयास सराहनीय है

    www.hindismartblog.asia

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  4. hello Anita ji
    Aaz meri ankho mein ansu aa gaye really apne sahi likha ha kuch bhi karne ke liye time mayne nahi rakhta. mein hamesha apke sath hu jab marzi awaz de dijiega ...aur jaha help ho sakegi mein apke sath hu
    thx

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  5. धन्यवाद बहिन जी 👏👏

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  6. Very nice work procedure
    I wish that can help you indeed
    When reqd
    Vineet Pareek
    vineetp.ash@gmail.com

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  8. अनिता जी नमस्ते...
    आप का प्रयास सरहानीय है। मैं विजयदशमी पर रचनाएं खोज रहा था, आप का ब्लौग मिला, पढ़कर अच्छा लगा, क्योंकिि मैं भी एक दृष्टिहीन हूं। इस लिये ये पढ़कर हर्ष हुआ कि आप जैसे लोग दृष्टिहीनों के लिये अपना अमुल्य समय ही नहीं दे रहे अपितु औरों को भी प्रेरित कर रहे हैं।

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    1. धन्यवाद कुलदीप जी

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