"खुशबु बनकर गुलों में उङा करते हैं, धुआं बनकर पर्वतों से उङा करते हैं, ये कैंचियां खाक हमें रोकेंगी, हम परों से नही हौसलों से उङा करते हैं।"
आज की नारी अबला नही सबला है ये विश्वास बढा है। विकास के हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही नारी को चंद असमाजिक तत्वों का खौफ नही क्योंकि आत्मसम्मान के साहस ने दस्तक दे दी है। मर्यादा का भान लिये जिम्मेदारियों की चादर ओढ नई सोच का आसमान छुने निकल पङी है।
"हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ भी चल पङेंगे रास्ता बन जायेगा।
आप सबको महिला दिवस की हार्दिक शुभकामना के साथ कहना चाहेंगे कि,
एक दिन क्या हर पल है तुम्हारा, ये आसमां तुम्हारा है उङान भरकर देखो सारा जहाँ है तुम्हारा।
नोटः- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 (8 मार्च) का मुख्य थीम है 'गिव टू गेन' (Give to Gain)। यह थीम इस विचार को पुष्ट करती है कि जब महिलाएं सशक्त बनती हैं, तो एक अधिक समृद्ध और संतुलित दुनिया का निर्माण होता है।

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