Monday, 5 November 2012

अनमोल समय

आनेवाला पल जानेवाला है, हो सके तो इसमें जिंदगी बिता दो
पल जो ये जानेवाला है।

गुलजार का लिखा ये गीत बहुत ही खूबसूरती से संदेश देता है कि वक्त को बर्बाद न् करो, क्योंकि जिन्दगी इसी से बनी है| जीवन छोटा ही क्यों न हो, समय की बर्बादी से वह और भी छोटा हो जाता है। अतः मित्रों, समय का उचित उपयोग करके हम अपने जीवन को आम से खासबना सकते हैं।

हम सभी के पास 24 घंटे होते हैं, न इससे कम न ज्यादा। हम समय को बढा नही सकते सिर्फ अपनी रुचियों और क्रियाओं को व्यवस्थित कर सकते हैं। अधिकतर लोगों का यही कहना होता है कि क्या करें वक्त ही नही मिलता ?

मित्रों, ईश्वर ने समय सबको बराबर बाँटा है जिनसे हम भौतिक और आध्यात्मिक दोनो ही साधनों से अपने लक्ष्य को पा सकते हैं। अमीर-गरीब, बूढे-जवान सभी को ईश्वर प्रतिदिन 24 घंटे का एक चेक देता है, जिसे उसी दिन भुना सकते हैं या उसका उपयोग कर सकते हैं अन्यथा चेक रद्द(नष्ट) हो जायेगा। समय ऐसा धन है जो एक बार नष्ट गया तो वापस नही मिलता। ईश्वर के इस अनमोल उपहार का उपयोग हम कैसे करते हैं उसी आधार पर हमारी सफलता निश्चित होती है।

हर सफल व्यक्ति के पीछे सफलता के कई कारण होते हैं जिसमें समय प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हमारे पास एक दिन में उतने ही घंटे होते हैं जितने हेलर केलर, लुईपाश्चर, आइंस्टाइन, लियोनार्डो द विन्ची, माइकल ऐंजेलो जैसी अनेक विभूतियों के पास थे। हम हैं कि समय का रोना रोकर अपनी जिम्मेदारियों से दूर भागने का प्रयास करते। मित्रों, जो समय का ज्यादा दुरुपयोग करते हैं, वे ही समय की कमी की सबसे ज्यादा शिकायत करते हैं। शेक्सपीयर ने कहा है कि-
मैंने समय को नष्ट किया है। अब समय मुझको नष्ट कर रहा है।

 आज की भागदौङ और प्रतिस्पर्धा वाले समय में उत्साह से भरा पूरा एक दिन कब गुजर जाता है पता ही नही चलता। वहीं असंतुष्ट इच्छाएं और इंतजार से बीता पूरा दिन, अंतहीन प्रतीत होता है।

काल करे सो आज कर, आज करे सो अब।

पल में परले होएगी, बहूरी करेगा कब।।

कबीरदास की उपरोक्त पंक्ती समय के महत्व को परिलाक्षित करती है। जीवन में समय का महत्वपूर्ण स्थान होता है। बीता समय कभी लौट कर नहीं आता। अतः हमे चाहिए कि जो समय हमें मिला है उसका सदुपयोग करें।

स्वेट मार्टन ने कहा है कि, हर व्यक्ति को तुरंत दान महा कल्यांण वाली सोच रखनी चाहिये।Make a habit of doing it now

कहते हैं, जो सोया सो खोया, इसलिये वक्त के साथ कदम मिलाकर चलने में ही समझदारी है। समय प्रबंधन ही सर्वश्रेष्ठ कला है जिसके सही उपयोग से हम हर पल को सर्वोत्म बना सकते हैं।

बैंजीमेन फेंक्लिन ने कहा है कि- जो काम आप आज कर सकते हैं, उसे कल पर न टालें।

अनेक शोधों से सिद्ध हो चुका है कि समय का सही नियोजन, असफलता को दूर करते हुए सफलता की ओर बढता कदम है।

मनोवैज्ञानिक डॉ. सुजेन क्लिफोर्ड के अनुसार टाइम मेनेजमेंट तनाव घटाने तथा काम व व्यक्तिगत जीवन को समृद्ध बनाने का तरीका है। समय नियोजन लोगों को अधिक कुशलता से काम करने में मदद करता है।

 'पुरुष बली नहि होत है, समय होत बलवान'

अशोक चक्रधर के अनुसार- समय बङा बलवान है, सबको मारे लात

हंसे कोई रोए कोई, समय समय की बात।।

सच ही तो है दोस्तो, यदी हम जीवन में घटित बुरे वक्त को धैर्य और थोङी समझदारी से निकाल दें तो आगे का पल सुनहरा बना सकते हैं। समय वो चिकित्सक है जो सभी प्रकार के जख्मो को भर देता है।
Time is big healer.

आज के वैश्वीकरण युग में टाइम मेनेजमेंट की चुनौती समय प्रबंधन करना ही नही है बल्की स्वयं का प्रबंधन करना भी है, ताकि सभी कामों को सही तरीके से करने के लिये हमारे पास समय हो जिससे परिवार और काम के बीच संतुलन बन सके। विकास की यात्रा में परिवार का साथ सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। अतः इनके महत्व को भी समझना सफल समय नियोजन है।

वारेन बफे ने कहा है कि-समय अच्छी  कंपनियों का मित्र होता है और औसत दर्जे की कंपनियों का दुश्मन।

किसी लक्ष्य को हासिल करने के लिये किसी शुभ समय के इंतजार में समय बर्बाद न करो क्योंकि समय पर किया हुआ थोड़ा सा भी कार्य उपकारी होता है | समय पर कार्य नहीं करने से व्यक्ति लाभ और उन्नति से कोसों दूर हो जाता है। मार्टिन लूथर किंग जूनीयर ने कहा है कि-

सही काम करने के लिए समय हर वक्त ही ठीक होता हैं

मित्रों, समय किसी की प्रतीक्षा नही करता। दौड़ना काफी नहीं है, समय पर चल पड़ना ही समय का सार्थक नियोजन है। कहते हैं, बीता हुआ समय और मुख से निकले शब्द कभी भी वापस नहीं आते। गोस्वामी तुलसीदास जी कहते हैं कि- समय फिरने पर मित्र भी शत्रु हो जाते हैं। अतः मन में विचार रखो कि हर दिन मेरा सर्वश्रेष्ठ दिन है; यह मेरी जिन्दगी है, मेरे पास यह क्षण दुबारा नहीं होगा। यकीनन दोस्तों इसी विचार के साथ आगे बढा कदम जीवन को सफलता की ओर ले जाएगा।

मित्रों मेरा मानना है कि यदि किसी को कुछ देना चाहते हो तो उसे अच्छा वक्त दो

 विवेकानंद जी की पंक्ती से कलम को विराम देते हैं।

Everything is easy, when you are busy.

But nothing is easy, when you are lazy.

 

 

 

 

                       



 

 

2 comments:

  1. it is enough to be inspired........

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  2. very good Anita ji i like you and your post very much

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